फुर्फुन्दियों फुर्फुन्दियों ,
अब न उड़ो अब न उड़ो ,
छुप जाओ कहीं सुम्म ,
हो जाओ कहीं गुम्म.
फुर्फुन्दियों फुर्फुन्दियों ....
उड़ ली बहुत , थक जायेगी,
धड़कन तेरी रुक जायेगी,
गिर के धरा पे धम्म से ,
मर जायेगी , मर जायेगी ,
जायेगी इस जनम से ,
बस पल दो पल में ही,
गति की दुर्गति हो जायेगी,
तुझपर हज़ारों चींटियों की,
चादरें बिछ जायेगी.|
नुच जायेगी नुच जायेगी ,
नुच जायेगी कसम् से |
कर ले जतन , कर ले जतन ,कर ले जतन ,
जब तक उखड ना जाए सांस या बदन ,
बच्चा कोई तेरी नुकीली पूँछ पे ,
फंदा लगा के कैबरे करवाएगा |
नच्वायेगा , तड्पाएगा ,
अब ना उड़ो , अब ना उड़ो ,
अब ना उड़ो फुर्फुन्दियों ||
Tuesday, January 19, 2010
Saturday, November 14, 2009
टनाटन
जो दुनिया करती है वो दुनिया करे , हम तो भैय्या ऐसे ही टनाटन हैं ,
लोग मीटर घिसे तो घिसने दो अपनी तो छींक में भी वजन है |
उठा के जूता सर पे मार ,
कल नगद आज उधार ,
यह उल्टा जीवन धन-धन है ,
जो दुनिया करती है वो दुनिया करे , हम तो भैय्या ऐसे ही टनाटन हैं |
फोकट की बातें बेकार ,
झूठी यारी झूठा प्यार ,
बाबाजी का यही कथन है ,
जो दुनिया करती है वो दुनिया करे , हम तो भैय्या ऐसे ही टनाटन हैं |
मर गए पोथी पढने वाले,
कुछ कहने कुछ करने वाले , \
कर ले बेटा जो भी मन है ,
जो दुनिया करती है वो दुनिया करे , हम तो भैय्या ऐसे ही टनाटन हैं |
आगे की क्या सोच रहा ,
क्यूँ सर की खेती नोच रहा ,
जीवन तो ये बस जीवन है ,
आगे पीछे खालीपन है ,
जो दुनिया करती है वो दुनिया करे , हम तो भैय्या ऐसे ही टनाटन हैं ,
लोग मीटर घिसे तो घिसने दो अपनी तो छींक में भी वजन है |
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