Tuesday, April 3, 2012

नारंगी

अरी रंग रंग दे नारंगी मोरी चुनरिया 
बिसरे दुनिया , झूमूँ बेसुध 
पा के खबरिया , पी की डगरिया 

बरसे सावन हरिहर हो सब 
पत्ती पत्ती क्यारी क्यारी... 
तरसे नेहा ... बरसे मेहा 
बरसे रिम झिम बाजे टिप टिप 
आये पिय रे भेजो खबरिया 

कूके कोयल , रुत बसंत में 
अम्बुआ फूले पक पक डारी
सरसों पीली नापे धरती
अगन लगाए सूरज भारी 
बैन सुनो मोरी अबरी सांवरिया 


दोनों रंग नारंगी ओढ़े 
राम रहीमी बन मतवारी 
मोहे भी रंग ऐसे दीजो 
झूमूँ बनठन ऋतुएँ सारी
पा के खबरिया , पी की डगरिया 

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